कुलभूषण जाधव मामले में सुषमा आज देंगी पाकिस्तान को जवाब, संसद में दिखाएंगी आईना

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पाकिस्तान के साथ नीतियों की आलोचना के साथ विपक्ष ने पड़ोसी देश के खिलाफ एक सुर में बने रहने का मन बनाया है। गुरुवार 28 दिसंबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में संसद में बयान देंगी। कुलभूषण जाधव के मामले में विदेश मंत्रालय का रुख साफ है और आज विदेश मंत्री संसद में इसके बाबत पाकिस्तान को आईना दिखा सकती हैं।
पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को भारत का जासूस बताने, खुद को उदार चेहरे वाला देश बताने के लिए सारी हदें पार कर दी हैं। पड़ोसी देश ने पहले कुलभूषण के परिवार के लोगों द्वारा आग्रह किए जाने और भारत के अनुरोध पर जाधव की पत्नी को उनसे मिलने की इजाजत दी। भारत द्वारा साथ में जाधव की मां को भी मिलाने की अनुमति देने का अनुरोध करने पर पाकिस्तान ने इसे भी मान लिया, लेकिन इसके पीछे उसकी नापाक मंशा थी। यह मंशा धीरे-धीरे सामने आ रही है।

पड़ोसी देश ने इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव की पत्नी का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पड़ोसी देश ने मुलाकात से पहले कुलभूषण जाधव की पत्नी के कंगन, बिन्दी जूते सब उतरवाए। उसने मुलाकात भी शीशे बंद खिड़की से करवाई। परिजनों को उनकी मातृ भाषा में बात नहीं करने दिया और लौटते समय कुलभूषण की पत्नी के जूते नहीं लौटाए।

भारतीय सुरक्षा अधिकारियों को थी सुबहा
कुलभूषण जाधव की पत्नी को मुलाकात के बाद पाकिस्तान के अधिकारियों द्वारा जूते न लौटाने की जानकारी मिलते ही भारत के सुरक्षा अधिकारियों तथा कानूनी विशेषज्ञों का शक गहरा गया था। उन्हें इसमें पाकिस्तान के नापाक इरादे दिखाई देने लगे थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने 25 दिसंबर की देर रात ही कूलभूषण की पत्नी के जूते को लेकर पाकिस्तान के साजिश रचने की आशंका जता दी थी। 27 दिसंबर तक इस मामले से पर्दा उठ गया है।

पाकिस्तान ने जूते में मेटल होने की बात कही और बाद में इसे जांच पड़ताल के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे जाने की जानकारी दी। दरअसल कुलभूषण जाधव के परिजनों से उनकी मुलाकात के तरीके को लेकर दुनिया भर में पाकिस्तान की आलोचना शुरू हो गई थी। समझा जा रहा है कि इस मुलाकात को संदेह में बदलने और जाधव का भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ का जासूस बताने के लिए पाकिस्तान यह नया षडयंत्र रच रहा है।
पाकिस्तान से अच्छे की उम्मीद मत कीजिए

अच्छे की उम्मीद मत करिए
पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर और पूर्व विदेश सचिव शशांक का कहना है कि आप पाकिस्तान से अच्छे की उम्मीद मत करिए। पिछले 70 साल का इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान की नीयत साफ नहीं है। शशांक और हैदर दोनों का मामला है कि आने वाले समय में पाकिस्तान के साथ रिश्तों के सुधरने की संभावना कम दिखाई दे रही है। हैदर का कहना है कि झूठे आरोप लगाना पाकिस्तान की पुरानी आदत है। वहीं शशांक का कहना है कि आंतरिक परेशानियों में पाकिस्तान बुरी तरह उलझा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसकी छवि काफी खराब है। अमेरिका जैसे देश लगातार पाकिस्तान को आतंकवाद के विरुद्ध कठोर कदम उठाने का दबाव बनाता रहा है।

बचकानी बात
राजनयिक हलके में भी पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण जाधव की पत्नी के जूते को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने पर चर्चा है। सूत्रों का कहना है कि यह बचकानी बातें हैं। पाकिस्तान अपरिपक्व आरोप लगा रहा है। एक संयुक्त सचिव स्तर के विदेश सेवा के अधिकारी का कहना है कि एक देश अपनी गारंटी पर दूसरे देश द्वारा किए गए वादे के आधार पर, उसकी जेल में आतंकवाद और जासूसी फैलाने के आरोप में बंद, अपने नागरिक के परिजनों को उससे मिलाने के लिए ले जा रहा है। ऐसे में यह सोचना भी बहुत बचकाना कहा जाएगा कि कुलभूषण जाधव के परिजन संदिग्ध स्थिति में वहां जाएंगे। यह दोनों देशों को पता है कि कुलभूषण जाधव के परिजनों को कई दौर की जांच से गुजरना पड़ेगा।

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