UP:सरकार ने बढ़ाए 12 फीसदी बिजली के दाम, जाने क्या है इसपर 5 पार्टी के नताओं की राय

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लखनऊ। बिजली विभाग की ओर से गुरुवार को बिजली बिलों में बढ़ोत्तरी का फरमान जारी कर दिया गया। जिसमें शहरी, ग्रामीण, सिंचाई और कार्मशियल हर क्षेत्र में 12 प्रतिशत तक के बिलों को बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा गांवों में फिक्स चार्ज 180 रुपए के बजाय 300 से 600 रुपए प्रतिमाह बढ़ा कर दिया गया। सरकार के इस निणर्य पर कांग्रेस, सपा, समाजवादी चिंतक सभा, आरएलडी और बसपा के 5 बड़े नेताओं ने  से विशेष बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि- सीएम योगी ने जनता का भरोसा तोड़ा है। उन्हें तत्काल बढ़े रेट वापस लेकर माफी मांगनीं चाहिए।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा- इसे तत्काल वापस लेना चाहिए
कांग्रेस से राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि- सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के बिल में बेतहाशा वृद्धि करके उसे डबल-ट्रिपल कर दिया गया है। ये गम्भीर चिन्ता का विषय है। किसान, मजदूर और मध्यम वर्गीय व्यक्ति को समय पर पर्याप्त बिजली की आपूर्ति न होने से वह पहले से ही बिजली की मार झेल रहा हैं। सरकार बिजली की चोरी रोकने में नाकाम है, जिसकी भरपाई करने के लिए जनता पर अतिरिक्त भार दिया गया। इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने कहा कि- ये जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है
बसपा प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने कहा कि- ये जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। किसानों को इससे बहुत परेशानीं होगी। शहरों में रहने वाले गरीबों की जेब पर डाका डालने जैसा व्यवहार सरकार ने किया है। ये सीधे-सीधे जनता के साथ धोखा है।
सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि- भाजपा सरकार की गलत नीति का नतीजा
सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि- भाजपा सरकार की गलत नीति का नतीजे के कारण बिल में बढ़ोत्तरी की गई है। ये जनविरोधी फैसला है। किसी गांव में समय पर पूरी बिजली नहीं मिलती है, उसके बावजूद उनसे डबल वसूली करने की तैयार कर ली है। सिर्फ अपनी झोली भरने के लिए जनता से वसूली के नए नए तरीके ढूंढ़ रही है भाजपा सरकार।

समाजवादी चिंतक सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि- 1527 करोड़ का अतिरिक्त लाभ
समाजवादी विचारमंच के अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि- इस बढ़ोत्तरी से सरकारी खजाना भरने की तैयारी की गई है। लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि गरीब जनता किस प्रकार से अपने बुनियादी सुविधाओं के बजाय सुंदरीकरण में लगी है। अपनी सरकार का ज्यादा प्रचार औऱ बिजनेसमैनों को लाभ दिलाने का प्रयास किया है। अरबपतियों की संख्या में भारत में 27 प्रतिशत बढ़ी है। लेकिन किसी गरीब की संख्या कम नहीं हुई है। इस पर ध्यान देने के बजाय बुलेट और हवाई जहाज के लिए लैंडिग रोड बना रही। इस बिजली बढ़ोत्तरी से हर साल 1527 करोड़ का सीधा लाभ होगा। सरकार अपने शौक और चुनावी खर्च को पूरा करने के लिए इस तरह से पैसों को इंतेजाम में लगी हुई है।

राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि- गरीबों की जेब पर डाका
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि- प्रदेश में नगर निकाय चुनाव सम्पन्न होते ही बिजली की कीमतों में होने जा रही बेतहाशा वृद्वि से भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। कल तक प्रदेष के मुख्यमंत्री और सहयोगी गरीबों, मजदूरों और किसानों की बदहाली पर घड़ियाली आंसू बहाते हुए नहीं थक रहे थे, लेकिन अब उनकी सही तस्वीर जनता के सामने आने जा रही है। जिसमें शहरी उपभोक्ताओं से लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ-साथ गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोग भी भाजपा की क्रूरता के शिकार होने जा रहे हैं। ये सीधे तौर पर गरीबों की जेब पर डाका है।
– बता दें, यूपी विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में 12 फीसदी की बढ़ोत्तरी का एलान कर दिया है।

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