अखिलेश के एक और ड्रीम प्रोजेक्ट की होगी जांच, CM योगी ने दी मंजूरी

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लखनऊ। योगी सरकार ने सपा शासनकाल में बनाए गए मुख्यमंत्री के नए कार्यालय लोकभवन समेत राज्य संपत्ति विभाग के अधीन पांच निर्माणाधीन भवनों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन भवनों की गुणवत्ता की जांच कराने को मंजूरी दी है। थर्ड पार्टी करेगी जांच
जांच थर्ड पार्टी करेगी जिसमें आईआईटी और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। बता दें कि लोक निर्माण भवन अखिलेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट था जिसके निर्माण का पहला चरण पूरा हो चुका है। लोकार्पण के समय इस भवन की लागत 601.89 करोड़ रुपये बताई गई थी।
इसके अलावा राज्य संपत्ति विभाग के अधीन बटलर पैलेस, दारुलशफा और महानगर व तिलक मार्ग में बहुमंजिला भवनों का निर्माण भी राजकीय निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है।
इनकी गुणवत्ता पर खुद राज्य संपत्ति विभाग ने सवाल खड़े किए हैं और जांच की सिफारिश की है। इसी के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है।
इन भवनों की होगी जांच
बटलर पैलेस, दारुलशफा समेत पांच निर्माण जांच के दायरे में हैं। जिसमें आईआईटी कानपुर और एकेटीयू के विशेषज्ञ करेंगे।
पड़ताल में राज्य संपत्ति विभाग ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। लोकभवन, दारुलशफा में विधायक आवास, बटसर पैलेस में टाइप-5 आवास, तिलक मार्ग में टाइप सिक्स मंत्री आवास, महानगर सचिवालय कॉलोनी में बहुमंजिला टाइप-3 आवास शामिल जिनकी जांच होगी।
अखिलेश के इन प्रोजक्ट की पहले दे चुकी हैं जांच
सीएम योगी सरकार सपा शासनकाल में गोमती किनारे बने रिवर फ्रंट की जांच का आदेश पहले ही दे चुकी है।
गोमती रिवर फ्रंट पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी योजना थी, बनाई गई 4 सदस्यों की समिति इन निर्माण की जांच के लिए चार सदस्यों की समिति गठित की गई है।
-यह समिति अपनी जांच जल्द ही पूरी करके सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी।

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