भारत के तीन सबसे प्रदूषित शहरों में दो यूपी के, गाजियाबाद सबसे गंदा, लखनऊ छठे नंबर पर

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लखनऊ। वायु प्रदूषण और स्मॉग का कहर अब यूपी के शहरों को चपेट में ले रहा है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में यूपी का गाजियाबाद सबसे ऊपर, नोएडा तीसरे नंबर पर जबकि राजधानी लखनऊ छठे नंबर पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के बृहस्पतिवार की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक गाजियाबाद का एक्यूआई 499, नोएडा का 487, दिल्‍ली का 486 रहा।
वहीं, लखनऊ का एक्यूआई 468 रहा। दिल्ली में भी प्रदूषण बढ़ा है, लेकिन गाजियाबाद व नोएडा ने उसे पीछे छोड़ दिया है। अभी तक दिल्ली को गैस चैंबर कहा जा रहा था, अब वही हाल यूपी के शहरों का हो गया है। सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के लगभग सभी बड़े शहर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गए हैं। देश के तीन सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से दो यूपी के हैं।

9 नवंबर को कहां-कितना जहर
गाजियाबाद–499
नोएडा–487
लखनऊ–468
आगरा–449
कानपुर–436
मुरादाबाद–414
वाराणसी–358

देश में इन शहरो के ये हालात
गुड़गांव–494
दिल्ली–486
फरीदाबाद–482
भिवाड़ी–468 (प्रदूषण का स्तर 400 के ऊपर जाते ही बेहद खतरनाक)

सुबह की हवा जहरीली… लालबाग और तालकटोरा में 500 पहुंच गया था एक्यूआई

लखनऊ में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। सुबह की हवा भी जहरीली होती जा रही है। लालबाग में बृहस्पतिवार सुबह 8 व दोपहर एक बजे और तालकटोरा में दोपहर एक बजे एक्यूआई 500 तक पहुंच गया था। इसके चलते लखनऊ का एचक्यूआई 468 तक पहुंच गया।

हवा स्थिर, नहीं छंट पा रहे हैं धूल-कण
वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम में बदलाव और ‌स्थिर हुई हवा ने प्रदेश को वायु प्रदूषण और धुंध को चपेट में ला दिया है। हवा के स्थिर होने (एयर लॉक) से प्रदूषण बढ़ाने वाले धूल व हानिकारक गैसों के कण छंट नहीं पा रहे हैं। इससे हानिकारक कण हवा में बने हुए हैं।

आंखों में जलन, सांस की बीमारी, हाइपरटेंशन की दिक्कत
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह हवा सामान्य व्यक्ति को भी संपर्क में लंबे समय तक रहने पर बीमार बना सकती है। इसमें आंखों में जलन और सांस की बीमारी से लेकर हाइपरटेंशन, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

पूरा लखनऊ शहर जहरीली हवा के चपेट में

लालबाग के बाद अब पूरा शहर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गया है। अभी तक जहरीली हवा से बच रहा ट्रांसगोमती इलाका भी बृहस्पतिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। अलीगंज में लगे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ऑनलाइन मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां अधिकतम एक्यूआई 438 रिकॉर्ड किया गया, जो अभी तक 400 के नीचे बना हुआ था।

वायु प्रदूषण के हालात सबसे अधिक सुबह के समय बिगड़ रहे हैं। सीपीपीबी और आईआईटी कानपुर के बनाए नेशनल एक्यूआई पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक लालबाग (पुराना लखनऊ) में सुबह चार बजे से आठ बजे तक 500 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद दोपहर में धूप निकलने के बाद मामूली कमी आई, लेकिन तब भी यहां एक्यूआई का आंकड़ा 492 रहा। वहीं, अलीगंज (ट्रांसगोमती क्षेत्र) में सुबह 4 बजे करीब 438 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। सुबह आठ बजे के करीब इसमें गिरावट आई, लेकिन दोपहर में फिर वायु प्रदूषण बढ़ गया। वैज्ञानिक और डॉक्टर्स इसे सुबह के समय मॉर्निंग वॉक करने जाने वाले लोगों के लिए खतरे के रूप में देख रहे हैं।

अब भी सबसे अधिक प्रदूषित लालबाग
लखनऊ का औसत एक्यूआई बृहस्पतिवार को 468 (शाम चार बजे तक का औसत) रिकॉर्ड किया गया। वहीं, अगर दिन का तीनों इलाकों का रिकॉर्ड देखें तो लालबाग यानी पुराने लखनऊ में अब भी सबसे अधिक प्रदूषण बना हुआ है। इसकी वजह वाहनों की आवाजाही व ट्रैफिक जाम के अलावा यहां गुपचुप चल रहे अवैध निर्माण और मेट्रो के काम शामिल हैं। मेट्रो के काम की वजह से रात के समय बड़े ट्रक और मशीनों का संचालन होता है। इसका प्रदूषण सुबह तक हवा में मौजूद रहता है। शाम 7 बजे तक अलीगंज का औसत एक्यूआई 417 रहा। वहीं, लालबाग का 495 और तालकटोरा इलाके का 493 औसत एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।
वायु प्रदूषण: बिगड़ चुके हालात, ये है शहर की इन जगहों का हाल

इलाका–सुबह–दोपहर–शाम
अलीगंज– 389 (सुबह आठ बजे)–431 (दोपहर एक बजे)– 410(शाम 7 बजे)
लालबाग–500 –500–484
तालकटोरा–489–500–488

लखनऊ यूपी में तीसरे नंबर पर आया
शहर–आठ नवंबर–नौ नवंबर
गाजियाबाद–372–499
नोएडा–469–487
लखनऊ–430–468
आगरा–394–449
कानपुर—-436

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