साल से बन रहे हजारों इंजिनियरों की डिग्रियां अमान्य : सुप्रीम कोर्ट

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दिल्ली : डीम्ड यूनिवर्सिटीज के माध्यम पिछले 16 साल में पत्राचार से इंजिनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले हजारों छात्रों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. शुक्रवार को अपने फैसले में कोर्ट ने इन डिग्रियों को अमान्य घोषित कर दिया है. इसके बाद इन सर्टिफिकेट्स के दम पर नौकरी हासिल करने वालों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है
अब डीम्ड विश्वविद्यालयों को हर कोर्स के लिए अलग-अलग अनुमति लेनी होगी. कोर्ट ने एक महीने के भीतर डीम्ड यूनिवर्सिटी से ‘यूनिवर्सिटी’ शब्द हटाने के आदेश भी दिए हैं. इस बीच कोर्ट ने 2001 से 2005 के बीच इन विश्वविद्यालयों में इंजिनियरिंग के लिए दाखिला लेने वाले छात्रों को थोड़ी राहत दी है.
कोर्ट ने कहा है कि वे छात्र AICTE द्वारा करवायी जा रही परीक्षाओं को पास कर अपनी पुरानी डिग्री को मान्य करवा सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि इन छात्रों का मानना था कि डीईसी की मान्यता के बाद यह कोर्स मान्य होगा. कोर्ट ने हालांकि 2005 के बाद दाखिला लेने वाले छात्रों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखायी क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि ये कोर्स मान्यता प्राप्त नहीं हैं.
ये हैं चार डीम्ड विश्वविद्यालय
इलाहाबाद एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट, जेआरएन
राजस्थान विद्यापीठ (उदयपुर),
इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (राजस्थान)
विनायक मिशन रिसर्च फाउंडेशन(तमिलनाडु) हैं.
इन चारों डीम्ड विश्वविद्यालयों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए संबंधित अथॉरिटी से अनुमति नहीं ली थी. विश्वविद्यालयों को इन सभी छात्रों को वसूली गई फीस व अन्य खर्च लौटाने होंगे. कोर्ट ने इन डीम्ड यूनिवर्सिटी को इंजीनियरिंग कोर्स चलाने की अनुमति देने में अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने केलिए सीबीआई जांच केआदेश दिए हैं. साथ ही पीठ ने नामचीन लोगों की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने का आदेश दिया है. कमेटी डीम्ड विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा को मजबूत करने और इसके लिए रेग्यूलेशन तय करने को लेकर रोडमैप तैयार करेगी. ये नामचीन सदस्य शिक्षा, जांच, प्रशासन या कानून के क्षेत्र से होंगे.
कमेटी का गठन एक महीने के भीतर करने का निर्देश दिया गया है और गठन केछह महीने केबाद कमेटी को रोडमैप तैयार करने केलिए कहा गया है. केंद्र सरकार उस रिपोर्ट पर गौर करेगी और 31 अगस्त, 2018 से पहले हलफनामे के जरिए अदालत को कार्रवाई रिपोर्ट सौंपेगी.

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