तमिलनाडु में राजनीतिक स्थिति के लिए खुद को बड़ा अवसर मान रही BJP, इन दो फिल्मी सितारों ने उलझाया

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जयललिता के निधन और करुणानिधि के संन्यास के कारण तमिलनाडु में पैदा हुई राजनीतिक नेतृत्वहीनता की स्थिति को खुद के लिए बड़ा अवसर मान रही भाजपा की रणनीति दक्षिण के दो फिल्मी सितारों ने गड़बड़ा दी है।
रजनीकांत द्वारा अपने पत्ते नहीं खोलने और इसी बीच कमल हासन के राजनीति में कूदने के संकेत के बाद भाजपा सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक से नजदीकी बढ़ाने को लेकर सतर्क हो गई है। सूबे में संगठन विस्तार की व्यापक संभावना देख रही पार्टी अब इन दोनों बड़े सितारों का भावी रुख भांपने में जुटी है।

दरअसल, तमिलनाडु में भाजपा की रणनीति अन्नाद्रमुक में अपनी पैठ बढ़ाने के अलावा रजनीकांत को साधने की है। अन्नाद्रमुक के नेता आपसी विवाद में अब भी बुरी तरह उलझे हैं तो वहीं रजनीकांत अपना रुख साफ नहीं कर रहे।

राजनीति में प्रवेश का ठोस संकेत, इरादा साफ नहीं

रजनीकांत ने कई बार राजनीति में प्रवेश का ठोस संकेत तो दिया, मगर यह साफ नहीं है कि वह अपनी नई पार्टी बनाएंगे या फिर दूसरा विकल्प अपनाएंगे। यह भी साफ नहीं है कि नई पार्टी बनाने के बाद वह भाजपा-अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन के लिए राजी होंगे या नहीं?

इसी बीच, राज्य में रजनीकांत की तरह ही व्यापक असर रखने वाले दूसरे सितारे कमल हासन ने राजनीति में प्रवेश का ठोस संकेत दे दिया है। रजनीकांत की तरह ही उन्होंने भावी रणनीति का खुलासा नहीं किया है, मगर वह माकपा के करीबी रहे हैं। माकपा भी राज्य में कमल हासन को साधने की कोशिशों में जुटी है। उधर, कमल हासन ने भी वामपंथ के अधिकांश नायकों को खुद का नायक बता कर माकपा को सकारात्मक संदेश दिया है।

तमिलनाडु में भाजपा के रणनीतिकारों में शामिल एक नेता के मुताबिक फिलहाल स्थिति उलझी हुई है। राजनीतिक नेतृत्वहीनता के दौर से गुजर रहे इस सूबे में भ्रष्टाचार पहली बार सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बनता दिख रहा है।

इसके अलावा सूबे में फिल्मी दुनिया से जुड़े दो कद्दावर सितारों की राजनीति में दिलचस्पी से भी सियासी परिस्थितियों में बदलाव आना तय है। ऐसे में तस्वीर साफ होने में अभी समय लगेगा और इसके बाद ही भाजपा अपनी भावी रणनीति तय करेगी।