मोहम्मद मोरसी की आजीवन कारावास की सजा कायम

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मिस्त्र। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को आजीवन कारावास का दंड बरकरार रखा गया है। मिस्र की सर्वोच्च अपील अदालत, कोर्ट ऑफ कैसेशन ने कहा कि मोरसी के खिलाफ फैसला अंतिम है, और इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि न्यायालय ने इसी आरोप में मुस्लिम ब्रदरहुड के तीन प्रमुख लोगों के विरूद्ध मृत्यु दंड कायम रखा है।अधिकारियों ने एजेंसी को जानकारी देते हुए कहा कि, जो अभियुक्त हैं उन पर सुरक्षाबलों को लेकर, दस्तावेज साझा करने का आरोप लगा था। संभावना है कि, दस्तावेज अभियुक्तों द्वारा अन्य व्यक्तियों को देने से मिस्त्र की सुरक्षा खतरे में आ सकती थी।

ऐसे में इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। इस तरह के मामले में यदि आजीवन कारावास की सजा होती है तो दोषी को मिस्त्र में 25 वर्ष तक जेल में रहना पड़ता है। गौरतलब है कि भारत में भी दस्तावेजों के लीक होने को गंभीर अपराध माना जाता है।

कुछ ऐसे मामले सामने आए जिनमें सेना से जुड़े दस्तावेज लीक होने को लेकर आरोपियों पर प्रकरण चलाया गया और, उन्हें गंभीर कार्रवाईयों का सामना करना पड़ गया। इसी तरह से अमेरिका में भी रूस द्वारा कथित तौर पर जासूसी करवाए जाने का मामला अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी सामने आ चुका है जिसमें हिलेरी क्लिंटन पर तरह – तरह के आरोप लगाए गए थे।