काजू के छिलकों से बन जाएगा प्लास्टिक जैसा पदार्थ!

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कानपुर। इन दिनों प्लासिटक कैरी बैग के उपयोग को प्रतिबंधित करने की कार्रवाईयाॅं विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही हैं, ऐसे में आप चिंतित हो रहे हैं कि आपको बाजार जाने के लिए बड़ा झोला ले जाना होगा और, जब प्लास्टिक का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में भी बंद हो जाएगा तो फिर, आप अपने रोजमर्रा के कार्य किस तरह से करेंगे। मगर आपकी परेशानी का समाधान तलाशा है कानपुर के एक वैज्ञानिक ने। जी हाॅं, वैज्ञानिक प्रो. दीपक श्रीवास्तव ने अपने शोध के बाद यह पाया कि, काजू के छिलके से प्लास्टिक से भी बेहतर तत्व प्राप्त किया जा सकता है जो कि प्लास्टिक का विकल्प हो सकता है।उन्होंने बताया कि काजू के छिलकों में पाया जाने वाला तेल उनकी शोध का आधार था। उन्होंने इसका रासायनिक अध्ययन किया फिर इस पदार्थ से फिनोल का विकल्प, कॉर्डेनॉल तलाशा। जिससे हार्ड मटेरियल बनाया गया। उन्होंने बताया कि, प्लास्टिक की तुलना में इस पदार्थ से निर्मित वस्तुऐं अधिक टिकाऊ हो सकती हैं। यदि इस पदार्थ को प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर लाया जाता है तो फिर पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी सहायता मिल सकती है

संभावना है कि यह मानव के जीवन में एक क्रांतिकारी बदलाव भी लाए। इस पदार्थ से हेलमेट जैसे साधन का निर्माण हो सकता है तो, दूसरी ओर फ्रिज और कूलर आदि की बाॅडी तैयार की जा सकती है। कहने का तात्पर्य यह है कि इसे फाइबर की तरह उपयोग किया जा सकता है।

हालांकि इस बात पर वैज्ञानिक श्रीवास्तव ने कुछ नहीं कहा कि, क्या इसे वाहनों में उपयोग होने वाले फाइबर के विकल्प के तौर पर उपयोग में लाया जा सकता है, मगर वे इसके उपयोग को लेकर शोध कर रहे हैं। प्रो. दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि प्लास्टिक की जगह इस्तेमाल किया जाने वाला थर्मोसेट मटेरियल प्लास्टिक की तुलना में करीब 20 फीसद तक सस्ता होगा।