राहुल गांधी का अध्यक्ष बनना तय, सीनियर लीडर्स से मिलने लगे संकेत

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राहुल गांधी का धीरे धीरे कांग्रेस का अध्यक्ष बनना तय होता जा रहा है. वजह यह है कि राहुल के अध्यक्ष पद की दावेदारी के पीछे कांग्रेस के सीनियर लीडर्स लामबंद होने लगे हैं. इसी सिलसिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम वीरप्पा मोइली ने कहा शुक्रवार को कहा कि राहुल आंतरिक चुनाव प्रक्रिया के जरिये पार्टी अध्यक्ष बनना पसंद करेंगे.आपको बता दें कि राहुल ने हाल ही में कहा था कि अगर पार्टी उनसे कहती है तो वह कार्यकारी जिम्मेदारी संभालने के लिये पूरी तरह तैयार हैं. ऐसे में अब वीरप्पा मोइली यह संकेत दे रहे हैं कि राहुल अगले महीने भी यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल का नयी जिम्मेदारी संभालना पार्टी के लिये तस्वीर का रूख बदलने वाला होगा. मोइली ने पीटीआई से कहा कि राहुल को तत्काल कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालना चाहिये. यह पार्टी के लिये अच्छा है, देश के लिये भी अच्छा है.

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस में हर किसी को लगता है कि राहुल के अध्यक्ष बनने में देरी हुई है. अब, राहुल संगठन चुनावों का इंतजार कर रहे हैं. वह सिर्फ चुनाव प्रक्रिया के जरिये ही अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) का अध्यक्ष बनना चाहेंगे.’’ कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों में आंतरिक चुनाव प्रक्रिया के इस महीने तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद एआईसीसी स्तर पर चुनाव होंगे.यह पूछे जाने पर कि क्या वह राहुल के अगले महीने पार्टी अध्यक्ष बनने की उम्मीद कर रहे हैं, मोइली ने कहा जवाब दिया, हां. 

कांग्रेस की संभावनाओं को बेहतर करने के लिये क्या कुछ किये जाने की जरूरत है, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी कांग्रेस की संभावनाओं को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्हें हर राज्यों से जुड़े मामलों का समाधान करना है क्योंकि हर राज्य दूसरे से अलग है. ऐसे में, इसके लिये राज्यवार रणनीति की जरूरत है, न सिर्फ उन राज्यों के लिये जहां आने वाले समय में चुनाव होने हैं बल्कि 2019 के लोकसभा चुनावों के लिये भी.’’ मोइली ने कहा कि राहुल का एक ‘‘नया दृष्टिकोण और नया तरीका

पार्टी की कायापलट करने वाला

मोइली ने कहा कि निश्चित रूप से कांग्रेस पार्टी की विरासत से काफी जुड़े हुये हैं. राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना कायापलट करने वाला है. सिर्फ खेल का रूख बदलने वाला ही नहीं बल्कि वह कांग्रेस की निरंतरता और विरासत के साथ अच्छी तरह से जुड़े हैं. उनमें परिवर्तन के लिये एक दृष्टिकोण है, और वह ऐसा करेंगे.