अपनी सेल्फी पर ही मालिकाना हक नहीं पा सका बंदर

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आपने एक बंदर की ये सेल्फी तो देखी होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं, इस सेल्फी पर कॉपी राइट को लेकर एक विवाद भी चल रहा था. अब इस फोटो को लेकर चल रहा विवाद सुलझ गया है और फोटोग्राफर डेविड स्लेटर के पक्ष में फैसला आया है. कोर्ट ने इस मामले में दायर की गई पेटा की याचिका को रद्द कर दिया है. हालांकि फोटोग्राफर को इस तस्वीर से होने वाली कमाई का 25 प्रतिशत हिस्सा ‘मैकॉक’ प्रजाति के बंदरों के संरक्षण का काम करने वाली संस्थाओं को देना होगा और इसके लिए फोटोग्राफर ने सहमति जताई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पक्षों के वकीलों ने आपस में समझौता कर लिया और वो भविष्य में जानवरों के लिए काम करेंगे. बता दें इससे पहले पशु अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पीपल फॉर द एथनिकल ट्रीटमेंट ऑफ ऐनिमल्स (पेटा ) ने विरोध किया था कि फोटोग्राफर इस फोटो को खुद के नाम से इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि यह फोटो बंदर ने खुद खींची है.

क्या था मामला?

साल 2011 में वाइल्ड फोटोग्राफर डेविड स्लेटर के साथ इंडोनेशिया के जंगल में वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी कर रहे थे, तभी इस नारुटो ने कैमरा लेकर एक फोटो क्लिक कर ली. कई जगह प्रकाशित होने के बाद यह तस्वीर काफी वायरल हो गई थी और लोग इसे काफी पंसद कर रहे थे. उसके बाद साल 2015 में पेटा ने 2015 में स्टेलर पर केस कर दिया और फोटो से होने वाले कमाई को नारुटो बंदर की बताया था.