दिल्ली में हर दिन 6 रेप, 10 बच्चियों का अपहरण

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देश की राजधानी महिलाओं के सुरक्षित नहीं है। यूं कहें तो यहां महिला सुरक्षा के लिहाज से यहां निल बटे सन्नाटा है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों की गवाही दिल्ली पुलिस के आंकड़े देते हैं। दिल्ली में हर दिन 6 महिलाएं बलात्कार की शिकार हो रही हैं। इनमें दो केस ऐसे होते हैं, जिनमें पीड़ित नाबालिग होता है। वहीं, हर दिन 16 से अधिक बच्चे किडनैप हो रहे हैं। इनमें भी 10 बच्चियां हैं।

दिल्ली पुलिस के महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त तक बलात्कार की 1446 घटनाएं सामने आई हैं। यानी हर महीने 180 और हर दिन रेप के 6 मामले दर्ज किए गए। बलात्कार की इन घटनाओं में 629 मामले नाबालिगों के साथ रेप के हैं। इस तरह से दिल्ली के विभिन्न कोनों में हर दिन दो बच्चियों के साथ रेप होता है।

जनवरी से अगस्त तक मेल और फीमेल बच्चों के अपहरण के 3 हजार 928 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस तरह हर महीने 491 और हर दिन 16 से अधिक बच्चों का अपहरण हुआ है। इनमें 2492 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। यानी हर दिन 16 मेल और फीमेल बच्चों के अपहरण में 10 बच्चियों थीं। आंकड़े बताते हैं कि हर महीने 18 साल या इससे अधिक की उम्र की 29 महिलाओं का अपहरण किया जा रहा है।  

महिलाओं से छेड़छाड़ और धमकी देने के मामलों में हर दिन यह आंकड़ा 11 मुकदमों को पार कर रहा है। इन दोनों आईपीसी में आठ महीनों में 2 हजार 771 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि महिलाओं के खिलाफ पति और ससुराल वालों द्वारा क्रूरता के हर महीने 246 मुकदमे दर्ज किए गए। यानी हर दिन 8 महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा हुई।