इरमा ने मचाई तबाही,10 लाख घरों में बिजली गुल, 60 लाख से ज्यादा लोग हुए बेघर

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210 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले चक्रवाती तूफान ‘इरमा’ ने अमेरिका के फ्लॉरिडा में भारी तबाही मचा दी है। रविवार को इरमा की वजह से फ्लॉरिडा के 11 लाख घरों और दफ्तरों में बिजली गुल हो गई और अब तूफान के बाद विनाशकारी बाढ़ आने की आशंका है। इरमा की वजह से फ्लॉरिडा में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 

नैशनल हरिकेन सेंटर के मुताबिक अटलांटिक में अब तक के सबसे ताकतवर तूफान माने जाने वाले इरमा की वजह से फ्लॉरिडा राज्य के पश्चिमी तट पर 15 फीट ऊंची समुद्री लहरें उठीं। फ्लॉरिडा के गवर्नर रिक स्कॉट ने कहा है कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता पश्चिमी तट की ही है। इस तटसीमा के पास टंपा और सेंट पीटर्सबर्ग शहर पड़ते हैं। 

अमेरिकी इतिहास में सबसे ज्यादा ताकतवर तूफानों में से एक इरमा की वजह से देश के तीसरे सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य में अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है। फ्लॉरिडा अमेरिका का सबसे बड़ा टूरिस्ट प्लेस माना जाता है और देश की जीडीपी में इस राज्य का 5 प्रतिशत योगदान है। 

फ्लॉरिडा पावर ऐंड लाइट के मुताबिक रविवार सुबह तक तकरीबन 11 लाख घरों और दफ्तरों में बिजली जा चुकी थी। इरमा को अभी चौथी श्रेणी के तूफान में रखा गया है। तूफान के मद्देनजर फ्लॉरिडा प्रशासन ने 63 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने का आदेश दिया है, जो कि राज्य की एक तिहाई आबादी है।

1 लाख 20 हजार भारतीय भी फंसे
इरमा से निपटने के लिए हजारों भारतीय-अमेरिकियों समेत लाखों लोग तैयारी कर रहे हैं। भारतीय मिशनों ने भारतीय लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। साल 2010 की जनगणना के मुताबिक, फ्लॉरिडा में भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों की आबादी करीब 1 लाख 20 हजार है जिनमें से हजारों लोग मियामी, फोर्ट लोरा डील और टंपा में रहते हैं जो तूफान के लिहाज से खतरनाक हैं। इस बीच, कैरीबियाई द्वीप सेंट मार्टिन से करीब 60 भारतीय नागरिकों को निकाला जा रहा है। इरमा ने इस द्वीप पर काफी तबाही मचाई है। ज्यादातर भारतीय नागरिकों के पास अमेरिका का अस्थायी छोटी अवधि का ट्रांजिट वीजा है। जिन लोगों के पास ट्रांजिट वीजा नहीं है उनके लिए यहां भारतीय दूतावास विदेश मंत्रालय और होमलैंड सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर उन्हें वीजा उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है ताकि उन्हें विमान से अमेरिका भेजा जा सकें और वहां से वह स्वदेश लौट सकें।