क्या राम रहीम के डेरा मुख्यालय में दबी हैं लाशें? आज होगा खुलासा

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दुष्कर्म के जघन्य अपराध में जेल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम सिंह के कुकर्म एक-एक कर सामने आ रहे हैं. डेरा सच्चा सौदा आश्रम में राम रहीम के कई राज दफन हैं, जिन से आज परदा उठ सकता है. अदालत के आदेश पर राम रहीम के हरियाणा में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया है. हाई कोर्ट के पूर्व जज एके पवार कई बड़े अधिकारियों के साथ आश्रम पहुंच चुके हैं. पांच हजार जवानों को तैनात किए गए हैं, जो सर्च ऑपरेशन का हिस्सा होंगे. इस दौरान पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की जाएगी.

डेरे में दबी हैं लाशें

डेरे में मारकर दबा दिए गए लोगों की अस्थियां मिलने की आशंका के बीच डेरा के अखबार ‘सच कहूं’ ने इस पर सफाई पेश करने की कोशिश की है. हालांकि इस कोशिश में अखबार ने स्वीकार कर लिया है कि डेरे में लाशें दबी हैं .

कहा जाता है कि गुरमीत राम रहीम के खिलाफ बोलने वालों को मारकर उनके शवों को डेरा सच्चा सौदा परिसर के अंदर ही जमीन में दफना दिया जाता था. हरियाणा पुलिस ने इसी सच्चाई का पता लगाने के लिए JCB मशीनें भी मंगवाई हैं. हरियाणा पुलिस JCB मशीनों से डेरे के अंदर खुदाई करवाकर इन आरोपों की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश करेगी.

इसी वजह से डेरा सच्चा सौदा के अखबार ने सफाई दी है कि डेरा परिसर में खुदाई के दौरान दबी हुई हड्डियां और अस्थियां मिल सकती हैं, क्योंकि गुरमीत राम रहीम अपने अनुयायियों को अस्थियों को नदियों में बहाने से रोका करता था और कहा करता था कि अस्थियों का विसर्जन करने से प्रदूषण फैलता है और नदियों में गंदगी होती है.

सामान्य मृत्यु पर दफनाने की जगह थी निर्धारित

अखबार का कहना है कि डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी डेरा परिसर में एक निर्धारित जगह पर अस्थियों को जमीन में दबा दिया करते थे.

डेरा सच्चा सौदा के पूर्व सेवादार और एक समय गुरमीत राम रहीम के बेहद करीब रहे गुरदास सिंह ने हालांकि बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि अब डेरा सच्चा सौदा को पता लग चुका है कि जल्द ही उनका यह सच भी दुनिया के सामने होगा. गुरदास ने कहा, “डेरे से गायब हो चुके कई लोगों के शव डेरे के प्रांगण में ही दबा दिए गए थे और पुलिस जब जेसीबी मशीनों से खुदाई करेगी तो इस दौरान उनकी हड्डियां और अस्थियां मिल सकती हैं.”

इसी वजह से सच कहूं अखबार के माध्यम से डेरा सच्चा सौदा पहले ही इस पर पर अपनी सफाई देने पर लगा है.

गुरदास सिंह ने कहा, “डेरे में अस्थियों को जमीन में दबाने के लिए एक जगह जरूर थी, लेकिन वो डेरा परिसर से काफी दूर जाकर एक जगह बनाई गई थी और बकायदा वहां पर बोर्ड भी लगाया गया था. लेकिन डेरा परिसर के अंदर जहां पर लोगों के शव दबे होने की आशंका है वहां पर इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी. अगर उस जगह से नर कंकाल, हड्डियां और अस्थियां मिलती हैं तो इससे साफ है कि लोगों की हत्या कर वहां दफना दिया गया था. डेरा परिसर में इस तरह का कोई स्थान निर्धारित नहीं था और ना ही कोई बोर्ड लगाया गया था.